बुधवार, 26 दिसंबर 2012

ये कैसा जनादेश है


चीख है
पुकार है 
चारों ओर हाहाकार है
लड़कियाँ लाचार है
समाज खूंखार है
बोटियाँ तैयार है
नोचनेवाला होशियार है
सारी दुनिया शर्मसार है
क्या
सिर्फ और सिर्फ
लड़कियाँ जिम्मेदार है...?
ये कैसा जनादेश है
चारों ओर आवेश है
संसद से सड़क तक
भीड़ आज व्यस्त है
लड़कियाँ अभिशप्त है
आसमां रो रहा
धरती चीख रही
ये कैसा जनादेश है
कैसा जनादेश है 
कैसा जनादेश है..
कैसा जनादेश है...........

4 टिप्‍पणियां:

  1. आज सब की यही स्थति है .......
    मेरा भी यही सवाल है ......

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  2. सभी इस प्रश्न का ज़वाब ढूँढ़ रहे हैं....बहुत प्रभावी अभिव्यक्ति..

    उत्तर देंहटाएं
  3. कौन है यहाँ इस सवाल का उत्तर देने के लिए.....
    बेबसी का एहसास पसरा पड़ा है...

    अनु

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मेरी रचनाओं पर आपके द्वारा दिए गए प्रतिक्रिया स्वरुप एक-एक शब्द के लिए आप सबों को तहे दिल से शुक्रिया ...उपस्थिति बनायें रखें ...आभार